सूर्य कलंक AR 4321 का चुंबकीय क्षेत्र ट्विस्टेड है ।उसकी पोलैरिटी लेफ्ट साइड में पॉजिटिव और राइट साइड में माइनस होनी चाहिए थी, जबकि वहां 90 डिग्री उल्टी है। अर्थात नीचे पॉजिटिव और ऊपर नेगेटिव पोलैरिटी है। यह ट्विस्टेड चुंबकीय क्षेत्र आने वाले समय में इसके सौर बम में परिवर्तित होने की पूर्ण क्षमता दर्शाता है। और M व X ज्वालाएं निकालने की संभावना भी बनी रहेगी ।क्योंकि वह पृथ्वी के सामने चल रहा है इसीलिए हम पर हावी होने की संभावना भी रहेगी ।चित्र क्रेडिट : NASA,SOHO,SDO
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