Wednesday, May 22, 2019

Sharing updates on  RISAT 2B with BRG NEWS. यह उपग्रह कृषि, वनिकरण, आपदप्रबंधन के लिए अत्यंत मददगार होगा। ISRO को इस सफलता पर हार्दिक बधाई l



Sunday, May 19, 2019

ऊर्जा समुच्चय रूपी चैतन्य परमाणु परब्रह्म में हुई हलचल से  हुआ big bang सृष्टि का प्रथम यज्ञ था। उस महा विस्फोट से हुआ सृष्टि का प्रसव और अब तक चल रहा प्रसरण सृष्टि का दूसरा विराट यज्ञ है। पृथ्वी पर वेद काल से चल रहा अग्निहोत्र इस श्रृंखला का तीसरा यज्ञ हैl वेदों में बारम्बार प्रतिदिन तीन सवनो में यज्ञ करने, का उल्लेख हुआ है। यज्ञ से ही देवता रूपी ब्रह्माण्डीय ऊर्जा स्त्रोतों यथा इन्द्र, सोम ,पूषा, अर्यमा ,भग , elementary particles, चारों fundamental forces को बल मिलता है। यज्ञ करने वाले के परिवार में सुख, शांति समृद्धि बनी रहती हैंl शारीरिक, मानसिक आरोग्य प्राप्त होता है l भूत -ग्रह-पितृ दोष दूर होते हैं, आर्थिक परिस्थिति सुदृढ़ होती हैं। अन्न- जल बने रहते है l  ऋतु चक्र ठीक होता है, प्रदुषण दूर होकर हवा विशुद्ध होती है।  प्रज्ञा अनायास ही प्राप्त होती है और भविष्य उज्ज्वल बनता है। और एक समय पर एक साथ किये गये यज्ञ युग  बदल देने मे सक्षम होते है l आओ हम सब मिलकर "गृहे- गृहे गायत्री यज्ञ अभियान" का एक अटूट हिस्सा बने, और न केवल एक दिन अपितु सदा के लिए यज्ञ को हमारे दैनिक कार्य में स्थान दे l  दिव्यदर्शन पुरोहित l gurudevobservatory.co.in



गर्भधारण संस्कार:
Gestation rituals boost development of embryo/fetus says research of Medical science.गर्भधारण के पहले महीने गर्भ का ह्रदय,फेफड़े डेवलप होते है साथ में हाथ ,पैर ,ब्रेन ,करोड़रज्जु ,नर्व्स बनना सुरु होता है। तीसरे माह में अस्थि ,मसल्स दांतो के कोपल ,उंगलिया,अंगूठे बनते है ,चमड़ी पारदर्शी होती है। इस तिमाही के दौरान अयोग्य दवाइयों का सेवन नहीं करना चाहिए। चौथे माह में गर्भ बढ़ता है ,किडनी फंक्शन सुरु होता है ,भौहे -नाख़ून इत्यादि बनते है ,हाथ पांव बेंड कर सकता है गर्भ। ACOG के मुताबिक वो निगलना और सुनना सुरु करदेता है। पांचवे माह से सोने और जागने का नियमित चक्र सुरु करता है। छठे माह में आंखे खोलता है और ब्रेन तेजी से डेवलप होता है। फेफड़े बनचुके होते है पर वर्क करना सुरु नहीं करते। इन दूसरी तिमाही में उसका लिंग पता चलता है। सातवे माह में गर्भ लात मारता है स्ट्रेच करता है ,संगीत और प्रकाश को रिस्पॉन्ड करता है। आंठवे माह में उसका वजन बढ़ता है अस्थि मजबूत होते है पर अस्थिपंजर लचीला रहता है। नवमे माह में फेफड़े काम करना सुरु कर देते है और  वो प्रसव हेतु तैयार हो  जाता है। यह अमरीकी मेडिकल कॉलेज का रिपोर्ट है। इसको ध्यान से पढ़ने पर ज्ञात होता है की (१) तीन से पांच माह के बिच गर्भधारण संस्कार कर ही देने चाहिए क्योंकि ह्रदय और ब्रेन डेवलप होते है इस दौरान। (२) अत्यधिक प्रकाश ,तेज संगीत ,अयोग्य दवाइया ,अयोग्य भोजन माता को त्याग देना चाहिए। (३) गर्भ के नवमे माह तक ब्रेन तक डेवलप हो जाने के प्रोसेस चलता है इसीलिए इन सम्पूर्ण समय में अर्थात नव माह तक ना केवल गर्भवती माता को अपितु उनके पति और पुरे परिवार को अत्यधिक संयम ,भावना और ध्यान से गर्भधारण संस्कार में दिए गए ज्ञान के मुताबिक ही आचरण करना चाहिए ,अच्छी किताबो को पढ़ना चाहिए। बालक/बालिका को क्या बनाना है उस हिसाब से प्रीप्लान करके कार्य करना चाहिए। अध्यात्म विज्ञान की सहाय लेनी चाहिए। गायत्री परिवार की स्थानीय शाखा का संपर्क बनाये रखना चाहिए,वहाँ पर निशुल्क गर्भधारण संस्कार किये जाते है और युग साहित्य  सदैव उपलब्ध रहता है। DR. NIHARIKA PUROHIT
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वर्तमान की नमी,विंड फ्लो,बादलों की स्थिति, उपग्रहीय चित्र को देखते हुए आगामी सोम से शनिवार तक गर्मी बढ़ेगी। और सोम, से बुध तक 42 डिग्री से भी ऊपर जाने की शक्यता है l तीसरा हिट वेव आने की भी संभावना लग रही हैं। वर्तमान को सुधारें-भविष्य को बनाए lमाता प्रकृति को ठीक करें lअभी या कभी नहीं l करें या मरें l

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Saturday, May 18, 2019

Today CO2 reached at its highest concentration in human history.415.70.God will ask us for this sin.Now or never.Do or die for mother earth.
मानवीय सभ्यता की सुख पाने की अंधी दौड़ से मानवीय  इतिहास में पहली बार  CO2 पहुंचा 415.70 PPM हम सब माता पृथ्वी को ,प्रकृति को ख़त्म करने के पाप में सहभागी है। इस्वर को क्या जवाब देंगे ? अभी या कभी नहीं। करे या मरे। Image credit: SIO
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