कितना प्रकाश!!! पूरे विश्व में "लाइट पॉल्यूशन" अर्थात "प्रकाश प्रदूषण" बढ़ता हुआ चला जा रहा है। इसमें सबसे आगे हैं भारत और दूसरे नंबर पर है चीन।यह प्रदूषण जीव सृष्टि के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है।वह कई तरीके से अपना प्रभाव डालता है। ग्लोबल वार्मिंग में भी उसका बहुत बड़ा योगदान है।जरूर हो इतना ही हमें इलेक्ट्रिसिटी का उपयोग करना चाहिए।
VAYAM RASTRE JAGRUYAM PUROHITA
I FOLLOW YUGRISHI PT.SHRI RAM SHARAMA ACHARAYAJI.ACCORDING TO HIM WE ARE JAGAD GURU,WE HAVE TO STRENTHEN OUR COUNTRY,OUR PLANET AS A REAL MASTER "PUROHIT" . RIDVEDA SAID THIS AS "VAYAM RASTRE JAGRUYAM PUROHITA" MEANS WE ARE THE PERSON WHO HAVE COURAGE TO DEVELOP OUR GLOBE.
Saturday, May 16, 2026
तनाव दूर भगाएं
अधिक ज्येष्ठ प्रतिपदा 17/5/26 से 20/5/26 तक पश्चिम आकाश में, सूर्योदय के पश्चात चंद्रमा, शुक्र और गुरु की अद्भुत युति दिखाई देगी। चंद्रमा 17 से लेकर 20 तक धीरे-धीरे ऊपर जाएगा और दोनों ग्रहों के पास से गुजरेगा। गुरु ग्रह के ऊपर मिथुन राशि के दो चमकते सितारे पुरुष और प्रकृति भी दिखाई देंगे।फोटोग्राफ लेना भी संभव होगा। तो माता प्रकृति को निहारे और अपना तनाव दूर भगाएं। प्रस्तुति: #gurudevobservatory https://www.gurudevobservatory.co.in/
Thursday, May 14, 2026
Sunday, May 10, 2026
Saturday, May 9, 2026
આવું કેમ?
કયા કારણથી ગુજરાત જ નર્ક બની ગયું? એમ તો સમગ્ર ભારત વર્ષ ગરમીમાં સળગી રહ્યું છે. પરંતુ સૌથી વધુ ગરમી દર વર્ષે ગુજરાતમાં જ વધતી જઈ રહી છે.સમગ્ર ભારતના બધા જ સ્થાનને જોઈશું તો સૌથી વધારે ગરમ નગરો, શહેરો ગુજરાતના જ જોવા મળશે.આવું કેમ? આપે ક્યારેય વિચાર્યું છે ? આ બધું આપણી સુખની આંધળી દોડનું પરિણામ છે. ગુજરાતમાં સર્વાધિક વાહનો ચાલે છે. બાંધકામ અને ઔદ્યોગિકરણ થઈ રહ્યું છે.વૃક્ષોનું અંધાધુધ નિકંદન થઈ રહ્યું છે. જળ સ્ત્રોત સુકાઈ રહ્યા છે. પ્લાસ્ટિક, કાગળ, ઇલેક્ટ્રિસિટી નો ભયંકર ઉપયોગ વધી રહ્યો છે. આપણે ગુજરાતીઓ પૈસાનો ઉપયોગ કેવળ આપણા સુખ માટે જ કરતા રહ્યા છે. આ જ કારણે ગુજરાત નરક બની રહ્યું છે. અને હવે તો ઠંડી અને વર્ષા પણ ખૂબ જ વધી રહ્યા છે.આ જ ટ્રેન્ડ ચાલુ રહ્યો, તો આવનારા વર્ષોમાં સમગ્ર ભારતમાં ગુજરાત જીવવા યોગ્ય નહીં રહે.
क्यों गुजरात?
गुजरात ही क्यों बन गया नर्क? यूं तो लगभग 80% भारतवर्ष गर्मी में झुलस रहा है,मगर सर्वाधिक गर्मी हर वर्ष गुजरात में ही बढ़ती जाती है। पूरे भारत के सभी स्थानों को देखें तो सबसे ज्यादा गरम नगर गुजरात के हैं। ऐसा क्यों ?क्या आपने कभी सोचा है? यह सब हमारे सुख की अंधी दौड़ का परिणाम है। गुजरात में सर्वाधिक व्हीकल्स चलते हैं। कंस्ट्रक्शन और औद्योगिकरण हो रहा है।वृक्षों का बेतहाशा निकंदन हो रहा है। जल स्रोत सूखते चले जा रहे हैं। प्लास्टिक, कागज, इलेक्ट्रिसिटी का बेतहाशा उपयोग हो रहा है।पैसों का उपयोग केवल और केवल सुख के लिए किया जा रहा है।इसीलिए गुजरात नरक बनता जा रहा है।ठंड और वर्षा भी सबसे ज्यादा। ऐसा ही ट्रेंड बना रहा है तो आने वाले वर्षों में पूरे भारत में से गुजरात जीने योग्य नहीं रहेगा।
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