अहो आश्चर्यम!!!! क्या आपने कभी चंद्र को पश्चिम से पूर्व की ओर जाने के बाद वापस पूर्व से पश्चिम की ओर घूमते अर्थात उल्टी चाल चलते देखा है ? जिसे वक्र गति कहते हैं वह यहां पर वीडियो में दिखाई दे रहा है। ऐसा कब और क्यों हुआ इसके बारे में सोचे और पता ना चले तो गुरुदेव वेधशाला को कमेंट करें। क्योंकि चंद्र कभी वक्र गति करता ही नहीं तो फिर ऐसा क्यों हुआ!!!! वीडियो(C): NOAA
VAYAM RASTRE JAGRUYAM PUROHITA
I FOLLOW YUGRISHI PT.SHRI RAM SHARAMA ACHARAYAJI.ACCORDING TO HIM WE ARE JAGAD GURU,WE HAVE TO STRENTHEN OUR COUNTRY,OUR PLANET AS A REAL MASTER "PUROHIT" . RIDVEDA SAID THIS AS "VAYAM RASTRE JAGRUYAM PUROHITA" MEANS WE ARE THE PERSON WHO HAVE COURAGE TO DEVELOP OUR GLOBE.
Friday, September 11, 2026
Thursday, September 10, 2026
UNEP
2/9/2026 का "यूनाइटेड नेशन" का रिपोर्ट बताता है कि "वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करना पेरिस समझौते का एक मुख्य आधार बना हुआ है, फिर भी वर्तमान नीतियों और वैकल्पिक अल्पकालिक योजनाओं के तहत, 1.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान वृद्धि को अब व्यापक रूप से अपरिहार्य माना जाता है।" यह मानवी की सुख पाने के अंधी दौड़ का परिणाम ही है। मगर अभी भी आशा बची हुई है, अगर हम ठान ले कि पृथ्वी को, माता प्रकृति को फिर से पुनर्जीवित करना है तो। चित्र(C) UNEP ,
Wednesday, September 9, 2026
वेद और विज्ञान
वेद और विज्ञान: अर्वाचीन खोज बता रही है कि तारे हमारे शरीर को उत्पन्न करने वाले तत्वों को जन्म देते हैं और महा विस्फोट, "सुपरनोवा" के द्वारा ब्रह्मांड में फैलाते हैं, जिससे जीवन पनपता है,ग्रह और हमारे आसपास की सभी चीजें जन्म लेती है। याद रहे की सूर्य भी एक तारा है और वेदों में इसीलिए ही सूर्य को सौरमंडल का,और हमारा जनक,पिता कहा गया है। प्रस्तुति: #gurudevobservatory
Sunday, September 6, 2026
स्वर्णिम अवसर
स्वर्णिम अवसर: अगर आप गुरु ग्रह को नहीं पहचानते हैं तो आगामी मंगलवार, दिनांक 8/9/26 को सूर्योदय से पहले पूर्व आकाश में देखें। द्वादशी के चंद्रमा के नीचे जो चमकता सितारे जैसा पदार्थ दिखाई देगा वही गुरु ग्रह है। अगर आपके पास में दूरबीन है तो उसके चंद्रमा भी देखने की संभावना रहेगी। उसे देखिए और माता प्रकृति को थैंक्स कहना ना भूले। चित्र क्रेडिट: NASA
Saturday, September 5, 2026
सितंबर का आकाश
सितंबर की रात्रि का आकाश: मोबाइल को सिर के एक फिट ऊपर इस तरह रखे की उत्तर लिखी हुई बाजू उत्तर की और इंगित करे। अब आपकी सामने आपके वहां का रात्रि आकाश है।पर यह बादल न होने पर ही दिखेगा। कुछ समझ न आए तो गुरुदेव वेधशाला अथवा नजदीकी विज्ञान केंद्र का संपर्क करें। इसे स्वयं देखे और बच्चो को,अन्यो को दिखाए,अपनी सोशल साइट पर फॉरवर्ड करें क्योंकि आसमान तनाव हर लेता है।चित्र (C) और प्रस्तुति: #gurudevobservatory
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