Wednesday, July 22, 2026

No leap second

As pet IERS no leap second will be introduced at the end of December 2026. पृथ्वी की धीमी हो रही परिभ्रमण गति को खगोल समय के साथ एडजस्ट करने के लिए एटॉमिक क्लॉक में लीप सेकंड जोड़ा जाता है l परंतु इस बार दिसंबर 2026 में कोई भी लिप सेकंड जोड़ा नहीं जाएगा lअब तक 37 सेकंड जुड़े जा चुके हैं l 
 The difference between Coordinated Universal Time UTC and the
 International Atomic Time TAI is :  from 2017 January 1, 0h UTC, until further notice : UTC-TAI = -37 s 
प्रस्तुति: #gurudevobservatory

Friday, July 17, 2026

ध्रुव तारक

भारतवर्ष में सर्वाधिक प्रसिद्ध कोई तारा हो तो वह है "ध्रुव तारा"। मगर यह वास्तव में वह अत्यंत दूर है और तारों की कैटेगरी में उसकी तेजस्विता 48 वे नंबर पर आती है। फिर भी वह इतना प्रसिद्ध क्यों है? क्योंकि वह सदियों से उत्तर ध्रुव अर्थात "नॉर्थ पोल" को इंगित करता रहता है। मगर वह सदैव वहां पर नहीं रहेगा।सहस्त्र वर्षों में ऐसे कहीं ध्रुव तारक बदल जाते हैं। प्रस्तुति: #gurudevobservatory

Tuesday, July 14, 2026

गुरुदेव वेधशाला दशकों से पर्यावरण पर जागृति के कार्यक्रम ऑफलाइन और ऑनलाइन चला रही हैं।लाखों ,करोड़ों लोगों तक संदेश अब तक पहुंचे हैं। इस वर्ष के पर्यावरण दिवस पर भी इसमें लाखों लोगों ने भाग लिया। "यूनाइटेड नेशन" (UN) ने गुरुदेव वेधशाला के इस कार्यों की सराहना करते हुए "थैंक यू कार्ड" भेजा है। वैसे उसके लिए हम काबिल नहीं है फिर भी हम उनके आभारी है। और उनकी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। (C) UN , प्रस्तुति: #gurudevobservatory

गुरुदेव वेधशाला दशकों से पर्यावरण पर जागृति के कार्यक्रम ऑफलाइन और ऑनलाइन चला रही हैं।लाखों ,करोड़ों लोगों तक संदेश अब तक पहुंचे हैं। इस वर्ष के पर्यावरण दिवस पर भी इसमें लाखों लोगों ने भाग लिया। "यूनाइटेड नेशन" (UN)  ने गुरुदेव वेधशाला के इस कार्यों की सराहना करते हुए "थैंक यू कार्ड" भेजा है। वैसे उसके लिए हम काबिल नहीं है फिर भी हम उनके आभारी है। और उनकी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। (C) UN , प्रस्तुति: #gurudevobservatory

Tuition

ટ્યુશન

ट्यूशन

Monday, July 13, 2026

"आ बैल मुझे मार": अमेरिका की एक कंपनी को वहां की फेडरेशन ने एक ऐसा उपग्रह लगाने की मंजूरी दे दी है जिसमें 60 फीट बाय 60 फीट का मिरर होगा, जो रात्रि में सूर्य प्रकाश को रिफ्लेक्ट करके धरती पर वापस फेंकेगा। अगर यह सक्सेस रहा तो 2035 तक ऐसे 50,000 उपग्रह आकाश में छोड़ने की योजना है। यह कितना खतरनाक होगा यह सब जान सकते हैं ।कुदरत के सामने कुदरत को ही पलट देने की बात अपने आप को खत्म करने जैसी बात है । कुदरत किसी को अब छोड़ेगी नहीं। चित्र(C) : रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल, प्रस्तुति: #gurudevobservatory

"आ बैल मुझे मार": अमेरिका की एक कंपनी को वहां की फेडरेशन ने एक ऐसा उपग्रह लगाने की मंजूरी दे दी है जिसमें 60 फीट बाय 60 फीट का मिरर होगा, जो रात्रि में सूर्य प्रकाश को रिफ्लेक्ट करके धरती पर वापस फेंकेगा। अगर यह सक्सेस रहा तो 2035 तक ऐसे 50,000 उपग्रह आकाश में छोड़ने की योजना है। यह कितना खतरनाक होगा यह सब जान सकते हैं ।कुदरत के सामने कुदरत को ही पलट देने की बात अपने आप को खत्म करने जैसी बात है । कुदरत किसी को अब छोड़ेगी नहीं। चित्र(C) : रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल, प्रस्तुति: #gurudevobservatory