Sunday, August 30, 2026

यह आप क्या कहते हो?

यह क्या कह रहे हो आप? हम बचपन से पढ़ते आए हैं कि सौरमंडल के सभी ग्रह सूर्य के आसपास घूमते हैं।मगर यह पूर्णतया सत्य नहीं है। वास्तव में 40% टाइम में ही सूर्य के आसपास वे घूमते हैं ।और 60% टाइम पर सूर्य और बाकी के ग्रह एक केंद्रक के आसपास घूमते है, जिसे अंग्रेजी में "बेरीसेंटर"कहा जाता है। यह केंद्रक वर्तमान में सूर्य से बाहर है, मगर जनवरी-फरवरी२०२७ में, सभी ग्रहों के सूर्य के एक दूसरे से ऑपोजिट डायरेक्शन में आने से गुरु ग्रह के खिंचाव और बाकी के ग्रहों के खिंचाव के चलते यह केंद्रक वापस सूर्य में चला जाएगा और हम फिर से कुछ समय के लिए सूर्य के आसपास घूमने शुरू कर देंगे है। ना आश्चर्य !!!!!! मगर यही सत्य है।
चित्र(C): NASA, प्रस्तुति: #gurudevobservatory

Tuesday, August 25, 2026

चंद्र ग्रहण " Youth Reaction News " के साथ। प्रस्तुति: #gurudevobservatory

चंद्र ग्रहण

चंद्र ग्रहण: खग्रास की खंडग्रास? आगामी२८/८/२०२६, श्रावणी पूर्णिमा, रक्षाबंधन पर्व पर खंडग्रास चंद्र ग्रहण होगा। 96% तक चंद्रमा ढक जाएगा। यानी खग्रास के नजदीक होगा। और खग्रास जैसा ही ताम्रवर्णी चंद्र दिखेगा। मगर होगा खंडग्रास।कैसी आश्चर्य की बात है!!!!कुल 339 मिनट चलने वाले इस चंद्र ग्रहण को अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका से देखा जाएगा। भारत में सुबह 7:00 बजे से लेकर के दोपहर 12:30 बजे तक यह चंद्र ग्रहण रहेगा। अर्थात दिन होगा चंद्र दिखेगा ही नहीं तो चंद्र ग्रहण भी दिखेगा नहीं। एसेंडिंग नोड अर्थात राहु बिंदु पर होने वाला,138वीं सारोस साइकिल का यह चंद्र ग्रहण अपने आप में अनूठा होगा, क्योंकि ताम्रवर्णी चंद्र दिखेगा मगर खग्रास नहीं होगा। चित्र(C) Larry Koehn और Fred Espenak ,
प्रस्तुति: #gurudevobservatory

Saturday, August 22, 2026

सूर्य

सूर्य के पीछे चले जा रहे सूर्य कलंक में से आज तड़के सौर ज्वाला निकली, जो अद्भुत थी। इसी को वेदों में सूर्य का "अर्वन" अर्थात चंचल स्वरूप कहा गया है। और यह सूर्य की चंचलता ही सूर्य में प्राण होने के निशानी है।जिसे वेदों में सूर्य का "प्रचेता" स्वरूप कहा गया है और वही अर्वाचीन विज्ञान भी कहता है।(C)चित्र: GOES,NASA
प्रस्तुति: #gurudevobservatory

Friday, August 21, 2026

जय हो

जय हो: चंद्रयान-3 के चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव के पास शिव शक्ति पॉइंट पर 23/8/23 के सायं 6:03 पर सॉफ्ट लैंडिंग के साथ भारत के सर्व प्रथम देश बनने के सौभाग्य के दिन को आदरणीय प्रधानमंत्रीजी द्वारा अंतरिक्ष दिवस घोषित किया गया था। कल 23/8/26 को समग्र भारत अपना अनूठा तृतीय अंतरिक्ष दिवस मनाएगा। इस मंगल पर्व पर गुरुदेव वेधशाला और पुरोहित परिवार की और से इसरो सहित आप सभी को अगणित मंगल कामनाएं। आइए भारत को अंतरिक्ष की सर्व श्रेष्ठ ऊंचाइयों तक ले जाएं । https://www.facebook.com/share/r/17GtX6Bpdw/
प्रस्तुति: #gurudevobservatory