VAYAM RASTRE JAGRUYAM PUROHITA
I FOLLOW YUGRISHI PT.SHRI RAM SHARAMA ACHARAYAJI.ACCORDING TO HIM WE ARE JAGAD GURU,WE HAVE TO STRENTHEN OUR COUNTRY,OUR PLANET AS A REAL MASTER "PUROHIT" . RIDVEDA SAID THIS AS "VAYAM RASTRE JAGRUYAM PUROHITA" MEANS WE ARE THE PERSON WHO HAVE COURAGE TO DEVELOP OUR GLOBE.
Tuesday, July 14, 2026
गुरुदेव वेधशाला दशकों से पर्यावरण पर जागृति के कार्यक्रम ऑफलाइन और ऑनलाइन चला रही हैं।लाखों ,करोड़ों लोगों तक संदेश अब तक पहुंचे हैं। इस वर्ष के पर्यावरण दिवस पर भी इसमें लाखों लोगों ने भाग लिया। "यूनाइटेड नेशन" (UN) ने गुरुदेव वेधशाला के इस कार्यों की सराहना करते हुए "थैंक यू कार्ड" भेजा है। वैसे उसके लिए हम काबिल नहीं है फिर भी हम उनके आभारी है। और उनकी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। (C) UN , प्रस्तुति: #gurudevobservatory
गुरुदेव वेधशाला दशकों से पर्यावरण पर जागृति के कार्यक्रम ऑफलाइन और ऑनलाइन चला रही हैं।लाखों ,करोड़ों लोगों तक संदेश अब तक पहुंचे हैं। इस वर्ष के पर्यावरण दिवस पर भी इसमें लाखों लोगों ने भाग लिया। "यूनाइटेड नेशन" (UN) ने गुरुदेव वेधशाला के इस कार्यों की सराहना करते हुए "थैंक यू कार्ड" भेजा है। वैसे उसके लिए हम काबिल नहीं है फिर भी हम उनके आभारी है। और उनकी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। (C) UN , प्रस्तुति: #gurudevobservatory
Monday, July 13, 2026
"आ बैल मुझे मार": अमेरिका की एक कंपनी को वहां की फेडरेशन ने एक ऐसा उपग्रह लगाने की मंजूरी दे दी है जिसमें 60 फीट बाय 60 फीट का मिरर होगा, जो रात्रि में सूर्य प्रकाश को रिफ्लेक्ट करके धरती पर वापस फेंकेगा। अगर यह सक्सेस रहा तो 2035 तक ऐसे 50,000 उपग्रह आकाश में छोड़ने की योजना है। यह कितना खतरनाक होगा यह सब जान सकते हैं ।कुदरत के सामने कुदरत को ही पलट देने की बात अपने आप को खत्म करने जैसी बात है । कुदरत किसी को अब छोड़ेगी नहीं। चित्र(C) : रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल, प्रस्तुति: #gurudevobservatory
"आ बैल मुझे मार": अमेरिका की एक कंपनी को वहां की फेडरेशन ने एक ऐसा उपग्रह लगाने की मंजूरी दे दी है जिसमें 60 फीट बाय 60 फीट का मिरर होगा, जो रात्रि में सूर्य प्रकाश को रिफ्लेक्ट करके धरती पर वापस फेंकेगा। अगर यह सक्सेस रहा तो 2035 तक ऐसे 50,000 उपग्रह आकाश में छोड़ने की योजना है। यह कितना खतरनाक होगा यह सब जान सकते हैं ।कुदरत के सामने कुदरत को ही पलट देने की बात अपने आप को खत्म करने जैसी बात है । कुदरत किसी को अब छोड़ेगी नहीं। चित्र(C) : रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल, प्रस्तुति: #gurudevobservatory
Friday, July 3, 2026
Wednesday, July 1, 2026
पुत्री और पिता
Earth at Aphelion :पुत्री होगी अपने पिता से दूर: जैसा की हम जानते है पृथ्वी अपनी "ओवल" अर्थात लम्बवृत भ्रमण कक्षा में सूर्य की प्रदक्षिणा करती रहती है। जिसके कारण आगामी 6 जुलाई 2026 को रात्रि 11 बजे वह सूर्य से सबसे दूर के बिंदु पर पहुंचेगी। उस समय पुत्री अपने पिता से 15 करोड़ 20 लाख किमी दूर होगी। अर्थात औसतन से 20 लाख और सबसे नजदीकी बिंदु से 50 लाख किमी दूर होगी।फिर भी हमारे यहाँ अभी भी गरमी होगी। सोचो ऐसा क्यों? अद्भुत है ना ब्रह्माण्ड !!!
प्रस्तुति : #GurudevObservatory
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