VAYAM RASTRE JAGRUYAM PUROHITA
I FOLLOW YUGRISHI PT.SHRI RAM SHARAMA ACHARAYAJI.ACCORDING TO HIM WE ARE JAGAD GURU,WE HAVE TO STRENTHEN OUR COUNTRY,OUR PLANET AS A REAL MASTER "PUROHIT" . RIDVEDA SAID THIS AS "VAYAM RASTRE JAGRUYAM PUROHITA" MEANS WE ARE THE PERSON WHO HAVE COURAGE TO DEVELOP OUR GLOBE.
Thursday, April 2, 2026
Wednesday, April 1, 2026
नासा ने गुरुदेव वेधशाला को वर्चुअल गेस्ट के रूप में आर्टेमिस टू के लॉन्च को देखने हेतु आमंत्रित किया था ।लांच होने के बाद नासा ने वह वर्चुअल गेस्ट स्टैंप भेजा है। जो गुरुदेव वेधशाला केलिए गर्व की बात है। (C) NASA प्रस्तुति: #gurudevobservatory https://www.gurudevobservatory.co.in/
नासा ने गुरुदेव वेधशाला को वर्चुअल गेस्ट के रूप में आर्टेमिस टू के लॉन्च को देखने हेतु आमंत्रित किया था ।लांच होने के बाद नासा ने वह वर्चुअल गेस्ट स्टैंप भेजा है। जो गुरुदेव वेधशाला केलिए गर्व की बात है। (C) NASA
श्री हनुमत जयंती: श्री हनुमान जी ने सूर्य नारायण को प्राप्त किया था। श्री हनुमान जी की जयंती पर ही NASA और ESA आर्टेमिस टू मिशन को SLS राकेट द्वारा ओरायन कैप्सूल में चार अवकाश यात्रियों को बिठाकर 2 अप्रैल 2026 को प्रातः 3:54 को, अगर सब कुछ ठीक रहा तो, चंद्र के लिए लॉन्च करेगा। इसमें दो माइलस्टोन प्रथम बार प्राप्त होने जा रहे है । एक तो 50 वर्ष बाद प्रथम चंद्र यात्रा हो रही है। दूसरा इतिहास में सर्वप्रथम बार महिला अवकाशयात्री चंद्र की टोह लेने जाएगी। इस मंगल चंद्र यात्रा के लिए 140 करोड़ भारतीय और गुरुदेव वेधशाला की और से अगणित शुभकामनाएं। चित्र(C) ESA, NASA प्रस्तुति: #gurudevobservatory https://www.gurudevobservatory.co.in/
श्री हनुमत जयंती: श्री हनुमान जी ने सूर्य नारायण को प्राप्त किया था। श्री हनुमान जी की जयंती पर ही NASA और ESA आर्टेमिस टू मिशन को SLS राकेट द्वारा ओरायन कैप्सूल में चार अवकाश यात्रियों को बिठाकर 2 अप्रैल 2026 को प्रातः 3:54 को, अगर सब कुछ ठीक रहा तो, चंद्र के लिए लॉन्च करेगा। इसमें दो माइलस्टोन प्रथम बार प्राप्त होने जा रहे है । एक तो 50 वर्ष बाद प्रथम चंद्र यात्रा हो रही है। दूसरा इतिहास में सर्वप्रथम बार महिला अवकाशयात्री चंद्र की टोह लेने जाएगी। इस मंगल चंद्र यात्रा के लिए 140 करोड़ भारतीय और गुरुदेव वेधशाला की और से अगणित शुभकामनाएं। चित्र(C) ESA, NASA
Tuesday, March 31, 2026
वेद विज्ञान
वेद विज्ञान को फिर से प्रमाणित किया अर्वाचीन विज्ञान ने। हीलियम वायु के दुर्लभ आइसोटोप हीलियम-3 के पृथ्वी के केंद्र से रिसाव होने पर यह प्रमाणित हो गया की (१) हमारा सौर मंडल बिगबैंग अर्थात परब्रह्म के हिरण्यगर्भ से उत्पन्न हीलियम-3 से जुड़े है अर्थात परब्रह्म से और (२) पृथ्वी सौर निहारिका से ही अर्थात सूर्य से ही उत्पन्न हुयी है। नमन शास्वत विज्ञान के स्त्रोत वेद को और उनके द्रश्टा ऋषियों को।
प्रस्तुति: #gurudevobservatory
Monday, March 30, 2026
सौर ज्वाला
आज 30 मार्च 2026 को प्राप्त 8:49 को सूर्य कलंक 4405 में से सर्वाधिक ताकतवर X 1.5 सौर ज्वाला निकली जो लंबे समय तक चली ।जिससे दक्षिण पूर्व एशिया के ऊपर का वातावरण अयोनाइज्ड हो गया। R 3 प्रकार का रेडियो ब्लैकआउट हुआ।इससे आने वाले कुछ दिन के लिए गर्मी भी ज्यादा बढ़ने की संभावना बनी रहेगी।यही है प्रचेता सूर्य का अर्वण स्वरूप। चित्र(C) : SDO
Sunday, March 29, 2026
Subscribe to:
Comments (Atom)