Wednesday, August 12, 2026

शुक्र ग्रह

आगामी 14 और 15 अगस्त 2026 को शुक्र ग्रह अपने सबसे ज्यादा कोणीय अंतर 46 डिग्री पर होगा। जिसके चलते वह -4.4 मेग्नीट्यूड जितना तेजस्वी दिखाई देगा। चंद्र और सूर्य के बाद तीसरा ऑब्जेक्ट शुक्र ही होगा जो खुली आंखों से शहरों से भी देखा जा सकता है। उसे सूर्यास्त के बाद पश्चिम दिशा में शाम 7:00 से 9:30 बजे तक बादल ना हो तो देखा जा सकता है।अगर यह दोनों तारीख में आप नहीं देख पाते हैं तो आगामी एक माह तक वह अत्यंत प्रकाशित दिखाई देगा। उसे देखें और प्रकृति माता को कृतज्ञता व्यक्त करें। चित्र(C): NASA, प्रस्तुति: #gurudevobservatory

आज 12 अगस्त 2026 की खगोलीय घटनाओं का "गुजरात मित्र" ,सूरत ने डिटेल्स में उल्लेख किया,जिसके लिए गुरुदेव वेधशाला उनकी कृतज्ञ है ।प्रस्तुति: #gurudevobservatory

Sunday, August 9, 2026

उल्का वर्षा

133 साल में सूर्य की परिक्रमा करने वाले Swifttutle पुच्छल तारे की छोड़ी हुई धूल पृथ्वी के वातावरण में 100 किलोमीटर ऊपर 2,00,000 किलोमीटर प्रति सेकंड की तेज रफ्तार से धरती पर आएगी lजिसके चलते प्रख्यात ययाति की उल्कावर्षा देखी जाएगी l ११ से १३ की मध्य रात्रि 2:00 से 5:00 बजे तक पूर्वोत्तर में शर्मिष्ठा नक्षत्र के पास में यह उल्कावर्षा , बादल न होने पर ही देखी जा सकेगी l Image credit: NASA
प्रस्तुति: #gurudevobservatory

Thursday, August 6, 2026

अलौकिक

ऐतिहासिक: एनएसएफ के विश्व के सबसे बड़े सोलर टेलिस्कोप से सूर्य की अब तक की सबसे शार्प और ऐतिहासिक तस्वीर खींची गई है। जिसमें सूर्य की सतह पर सर्वप्रथम बार साफ भंवर दिख रहे हैं। यह वेदों में वर्णित अर्बन अर्थात चंचल सूर्य की विस्फोटक क्षमता की कतिपय जानकारी देता है। यह तस्वीर अपने आप में एक इतिहास है।चित्र(C): NSF,NSO , प्रस्तुति: #gurudevobservatory

Wednesday, August 5, 2026

आज 5 अगस्त 2026 के सायं काल गुरुदेव वेधशाला से "ऑल्टोकम्युलस क्लाउड" अर्थात "मध्य कपासी मेघ" दिखाई दिए।2 से 7 किलोमीटर की ऊंचाई पर बनने वाले इस बादल से आने वाले समय में वर्षा बंद होने की अथवा नहीं के बराबर बरसात होने की संभावना है।अगर सुबह में यह दिखते तो गोधूली वेला तक तूफान आने की भी संभावना बनी रहती है।देखते हैं माता प्रकृति क्या करती हैं।प्रस्तुति: #gurudevobservatory

आज 5 अगस्त 2026 के सायं काल गुरुदेव वेधशाला से "ऑल्टोकम्युलस क्लाउड" अर्थात "मध्य कपासी मेघ" दिखाई दिए।2 से 7 किलोमीटर की ऊंचाई पर बनने वाले इस बादल से आने वाले समय में वर्षा बंद होने की अथवा नहीं के बराबर बरसात होने की संभावना है।अगर सुबह में यह दिखते तो गोधूली वेला तक तूफान आने की भी संभावना बनी रहती है।देखते हैं माता प्रकृति क्या करती हैं।
प्रस्तुति: #gurudevobservatory

Tuesday, August 4, 2026

https://sandesh.com/explainer/news/india/ahmedabad/sandesh-digital-explainer-12-august-2026-total-solar-eclipse-perseid-meteor-shower-facts-rumors

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