Saturday, September 5, 2026

सितंबर का आकाश

सितंबर की रात्रि का आकाश: मोबाइल को सिर के एक फिट ऊपर इस तरह रखे की उत्तर लिखी हुई बाजू उत्तर की और इंगित करे। अब आपकी सामने आपके वहां का रात्रि आकाश है।पर यह बादल न होने पर ही दिखेगा। कुछ समझ न आए तो गुरुदेव वेधशाला अथवा नजदीकी विज्ञान केंद्र का संपर्क करें। इसे स्वयं देखे और बच्चो को,अन्यो को दिखाए,अपनी सोशल साइट पर फॉरवर्ड करें क्योंकि आसमान तनाव हर लेता है।चित्र (C) और प्रस्तुति: #gurudevobservatory 
https://www.gurudevobservatory.co.in/

Thursday, September 3, 2026

जय हो

जय हो:  आज भारत ने भूस्थिर कक्षा में अपने बाहुबली रॉकेट, 51.7 मीटर लंबे GSLV की F 17 उड़ान के द्वारा भारत का पृथ्वी अवलोकन उपग्रह EOS 05 प्रक्षेपित कर दिया है। इससे हमें भारत की सरहदों की सुरक्षा की सटीक जानकारी और आपत्ति व्यवस्थापन में बहुत मदद मिलेगी।इस सफल प्रक्षेपण के लिए गुरुदेव वेधशाला और 140 करोड़ भारतीयों की ओर से इसरो को अभिनंदन।जय हो:जय विज्ञान:जय भारत: चित्र(C): ISRO, प्रस्तुति: #gurudevobservatory

Tuesday, September 1, 2026

दिखेंगे पांच ग्रह

पांच ग्रहों को देखने का स्वर्णिम अवसर: सूर्योदय से पहले, पूर्व आकाश में गुरु ,मंगल और शनि ग्रह दिखाई देंगे और सूर्यास्त के बाद पश्चिम आकाश में शुक्र और इस माह के अंत तक बुध ग्रह दिखाई देंगे।पहचान करने के लिए किसी भी स्काई मेप की मदद लें। ग्रहों को देखें और कुदरत को थैंक्स कहें। चित्र (C): NASA
प्रस्तुति: #gurudevobservatory

सावधान

सावधान: तैयार रहे:हमारी सुख की अंधी दौड़ से उत्पन्न "ग्लोबल वार्मिंग" ने पैदा कर दिया है "सुपर एल नीनो"। सितंबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच में वह पूरी पृथ्वी पर तहलका मचा देगा। एक्सट्रीम हीट, सुखाऔर बाढ़। इसके अलावा यह आने वाले वर्षों में और भी तबाही मचा सकता है । 2027 सबसे गर्म रहेगा। कठोर ऋतुएं पैदा होती हुई चली जाएगी। अब तो ईश्वर का ही सहारा है। चित्र(C): NOAA
प्रस्तुति: #gurudevobservatory

Monday, August 31, 2026

माता

विश्व विख्यात वैज्ञानिक आइंस्टीन कहां है की "प्रकृति को ज्यादा से ज्यादा समझिए, तो आप हर वस्तु समझ पाएंगे, हर समस्या का समाधान मिलेगा"।पर दुर्भाग्य से हम वेदों की संतान, प्रकृति पूजक ऋषियों की संतान, प्रकृति माता को ही प्रताड़ित करते चले जा रहे हैं और यही कारण है कि हम अशांत से और अशांत होते चले जा रहे हैं।दुखी से और दुखी होते चले जा रहे हैं।क्या आपको नहीं लगता माता प्रकृति की ओर वापिस चलना चाहिए? सत्य बोलना।
प्रस्तुति : #gurudevobservatory

वेद विज्ञान

वेद और विज्ञान:  विज्ञान में स्पेस और टाइम से बने "स्पेस फैब्रिक" का वर्णन आता है,जो पूरे ब्रह्मांड में फैलता चला जा रहा है,और सभी पदार्थ उसी में चल रहे हैं। जिसका वर्णन थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी में भी आता है। वेदों में इसे स्पष्ट रूप से अनादि काल पूर्व कहा गया था। उसमें अनंत आसमान में ताना-बाना के रूप में इस स्पेस फैब्रिक का, स्पेस टाइम का स्पष्ट वर्णन किया गया है। कभी समय मिलते वेद अवश्य पढ़े। चित्र:(C): ESA, प्रस्तुति: #gurudevobservatory

गुनाह