VAYAM RASTRE JAGRUYAM PUROHITA
I FOLLOW YUGRISHI PT.SHRI RAM SHARAMA ACHARAYAJI.ACCORDING TO HIM WE ARE JAGAD GURU,WE HAVE TO STRENTHEN OUR COUNTRY,OUR PLANET AS A REAL MASTER "PUROHIT" . RIDVEDA SAID THIS AS "VAYAM RASTRE JAGRUYAM PUROHITA" MEANS WE ARE THE PERSON WHO HAVE COURAGE TO DEVELOP OUR GLOBE.
Wednesday, April 22, 2026
अद्भुत
आज 22 अप्रैल 2026 को वैशाख शुक्ल षष्ठी के चंद्रमा ने ,गुरु ग्रह के साथ केवल 3 डिग्री की अद्भुत युति बनाई। इसके ऊपर मिथुन राशि के पुरुष और प्रकृति तारे भी दिख रहे थे और उसकी बाई और अर्थात दक्षिण की ओर मृगशीर्ष का आर्द्रा नक्षत्र भी दिख रहा था। कल २३/४/२६ को चंद्रमा मिथुन राशि के पास में होंगे। प्रतिदिन माता प्रकृति को निहारे और तनाव को दूर करने का प्रयास करें। प्रस्तुति: #gurudevobservatory https://www.gurudevobservatory.co.in/
स्टार लिंक
सुनहरा मौका:आगामी 25 अप्रैल 2026 को, रात्रि में 8:15 पर उत्तर दिशा में, पश्चिम से पूर्व की ओर जाते हुए ,क्षितिज से ३० डिग्री ऊपर से पूर्व की और १० डिग्री तक नीचे जाती हुई स्टार लिंक सेटेलाइट 378 की पुरी ट्रेन बड़ौदा से एक मिनट के लिए अत्यंत तेजस्वी दिखाई देगी। उसकी वीडियो भी निकलना संभव हो पाएगा। इस टाइमिंग में आधे घंटे का प्लस और माइनस हो सकता है, क्योंकि सैटेलाइट अपनी ऑर्बिट चेंज करते रहता है। इसे समय और कोण के फेरबदल के साथ ३०० किमी तक देखा जा सकता है । स्टार लिंक को देखने का मौका बार बार नहीं मिलता। प्रस्तुति: #gurudevobservatory https://www.gurudevobservatory.co.in/
Monday, April 20, 2026
पृथ्वी जीवन
No "Earth day" but "Earth life" : क्या माता की जरूरत हमें एक दिन के लिए ही है ? पर्यावरण की अग्रिमता को समझते हुए 1970 में 22 अप्रैल को विश्व पृथ्वी दिवस मनाना शुरू हुआ, जिसमे आज विश्व के 192 देशों के एक अरब से ज्यादा लोग भाग लेते है। इस वर्ष " हमारी शक्ति ,ऊर्जा : हमारा ग्रह " की थीम है। पर हम भारतीय तो वेद की संताने है, प्रकृति पूजक है। धरती को हम माता मानते है। क्या उसकी पूजा वर्ष में केवल एक ही दिन करेंगे और बाकी के दिवस जमकर माता की धुलाई ? क्या यह पाप नहीं ? क्या जवाब देंगे ईश्वर को? तो आओ "पृथ्वी दिवस" नहीं अपितु "पृथ्वी जीवन" मनाए । चित्र (C) : NASA, प्रस्तुति: #gurudevobservatory
Saturday, April 18, 2026
उल्का वर्षा
होगी तारों की वर्षा : हो जाएं तैयार एक और तेजस्वी उल्का वर्षा के लिएl कॉमेट थेचर की छोड़ी गई धूल से उत्पन्न वीणा की उल्कावर्षा मध्य रात्रि के 12:00 बजे से सुबह सूर्योदय तक वीणा नक्षत्र के विख्यात और हम से 25 प्रकाश वर्ष दूर बैठे अभिजीत तारे के पास से होती दिखाई देगी।श्रेष्ठ समय मध्य रात्रि २ से ५ का होगा। उसे उत्तर पूर्व से प्रातः सिर के ऊपर आने तक देखा जा सकता है।चूंकि वर्तमान में चंद्रमा की रोशनी भी कम होगी तो उसको अच्छी तरीके से देखा जा सकता है । 21 से 23 अप्रैल और खास 22/4/26 की रात्रि को शहरों में उसे रात्रि में 5 से 10 उल्का प्रति घंटे की रफ्तार से देखा जा सकता है l उसे देखकर नेचर को थैंक्स कहना ना भूलें l
Friday, April 17, 2026
वेद विज्ञान
वेद भगवान कहते हैं कि परम ब्रह्म से उत्पन्न ब्रह्मांड उसकी चारों ओर प्रदक्षिणा करता है,और स्वस्तिक इसी ब्रह्मण के कारण उत्पन्न स्वरूप है। विज्ञान को अब तक इसका कोई प्रमाण नहीं मिला था। मगर वर्तमान में हवाई यूनिवर्सिटी के विज्ञानियों ने सूर्य,पृथ्वी, सौरमंडल और आकाशगंगा की तरह ही, परंतु अत्यंत धीमी गति से ब्रह्मांड गोल-गोल घूम रहा है ऐसे प्रमाण प्राप्त किए है। उनके मुताबिक करीब 500 अरब वर्ष में एक प्रदक्षिणा ब्रह्मांड पूरी करता है। ऋषियों ने यह सत्य कैसे जाना होगा? चित्र(C)NASA,
Thursday, April 16, 2026
Thanks a lot
श्री चोरवाड गांव और श्री गिरीनारायण ब्राह्मण ज्ञाती की ओर से गुरुदेव वेधशाला के कार्य को सम्मानित किया गया। उनके हृदय की भावना को दर्शाने वाले पत्र को तैयार करने हेतु वेधशाला श्री कृष्णचंद्र पुरोहित की कृतज्ञ है।
Wednesday, April 15, 2026
कृतज्ञता
नासा ने अपने चंद्र यात्रा मिशन आर्टेमिस टू के लॉन्च पर और स्पेस स्टेशन के कार्गो के लॉन्च पर गुरुदेव वेधशाला को आमंत्रित किया था। जिसमें वेधशाला ने वर्चुअली भाग लिया था, जिसका स्टैंप भी नासा ने वेधशाला को भेजकर सम्मानित किया था। इस सम्मान को जन-जन तक ले जाने के लिए बड़ौदा के सबसे पुराने सांध्य दैनिक " युग प्रभाव" के हम कृतज्ञ हैं।(C) युग प्रभाव
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