सूर्य ग्रहण: आगामी 17 फरवरी 2026 को होने वाला कांकणाकृति सूर्य ग्रहण इंसान से ज्यादा पेंग्विंस नाम के पंछी देखेंगे। क्योंकि उसका ज्यादातर हिस्सा दक्षिण ध्रुव अर्थात अंटार्कटिका में दिखाई देगा। इसके अलावा दक्षिण अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण समुद्र,हिंद महासागर,पेसिफिक और अटलांटिक समुद्र के कुछ हिस्सों में खंडग्रास दिखाई देगा। याद रखें भारत में यह ग्रहण दिखाई देने वाला नहीं है। 4282 कि लंबे और 616 कि चौड़े भूभाग में दिखाई देने वाला यह सूर्य ग्रहण अपने आप में अनूठा होगा। अब आगामी चंद्र ग्रहण तीन-चार मार्च को होगा जो भारत से दिखाई देगा।
चित्र क्रेडिट: NASA,JPL