Sunday, March 1, 2026

माता प्रकृति घनघोर निराशा में भी आनंद भर देती हैं। आज २/३/२६ को माता सरस्वती का वाहन मयूर, गृह के प्रांगण में अपनी मधुर ध्वनि से वातावरण को गुंजित करता हुआ और मन को प्रफुल्लित करता हुआ देखा गया।प्रस्तुति: #gurudevobservatory https://www.gurudevobservatory.co.in/

माता प्रकृति घनघोर निराशा में भी आनंद भर देती हैं। आज २/३/२६ को माता सरस्वती का वाहन मयूर, गृह के प्रांगण में अपनी मधुर ध्वनि से वातावरण को गुंजित करता हुआ और मन को प्रफुल्लित करता हुआ देखा गया।प्रस्तुति: #gurudevobservatory 
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Thursday, February 26, 2026

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वर्तमान में अगर बादल ना हो तो श्रेष्ठ तारों को देखा जा सकता है। क्योंकि मिल्की वे के पथ से हम गुजर रहे हैं।आज फाल्गुन शुक्ल दशमी, २६/२/२६ को गुरुदेव वेधशाला से मृगशीर्ष नक्षत्र, बाणरज, आर्द्रा, व्याध, ब्रह्महृदय, मृगशीर्ष निहारिका आदि नक्षत्र दिखे गए। साथ में गुरु और चंद्रमा की केवल 7 डिग्री की अद्भूति युति देखी गई जो कल 27 को और भी नजदीक होगी। इन सबको देखिए और माता प्रकृति का आभार मानना ना भूले।प्रस्तुति: #gurudevobservatory https://www.gurudevobservatory.co.in/

वर्तमान में अगर बादल ना हो तो श्रेष्ठ तारों को देखा जा सकता है। क्योंकि मिल्की वे के पथ से हम गुजर रहे हैं।आज फाल्गुन शुक्ल दशमी, २६/२/२६ को गुरुदेव वेधशाला से मृगशीर्ष नक्षत्र, बाणरज, आर्द्रा, व्याध, ब्रह्महृदय, मृगशीर्ष निहारिका आदि नक्षत्र दिखे गए। साथ में गुरु और चंद्रमा की केवल 7 डिग्री की अद्भूति युति देखी गई जो कल 27 को और भी नजदीक होगी। इन सबको देखिए और माता प्रकृति का आभार मानना ना भूले।
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