क्या राशि चक्र में 13वीं राशि भी है? धनु और वृश्चिक राशि के बीच में सर्पधर नामक नक्षत्र आता है। सूर्य नारायण 30 नवंबर से 18 दिसंबर तक इसी राशि में चलते हैं। अर्थात इन दौरान जन्म लेने वाले जातकों का नामकरण,कुंडली इत्यादि सर्पधर नक्षत्र से बनना चाहिए मगर ऐसा नहीं हो रहा है ।वास्तव में राशि चक्र में केवल 12 राशि को ही गिना गया है । आगे इसको मान्यता मिलेगी कि नहीं वह तो समय ही बताएगा।
VAYAM RASTRE JAGRUYAM PUROHITA
I FOLLOW YUGRISHI PT.SHRI RAM SHARAMA ACHARAYAJI.ACCORDING TO HIM WE ARE JAGAD GURU,WE HAVE TO STRENTHEN OUR COUNTRY,OUR PLANET AS A REAL MASTER "PUROHIT" . RIDVEDA SAID THIS AS "VAYAM RASTRE JAGRUYAM PUROHITA" MEANS WE ARE THE PERSON WHO HAVE COURAGE TO DEVELOP OUR GLOBE.
Wednesday, August 19, 2026
Saturday, August 15, 2026
जय हो:
जय हो: विश्व की सबसे बड़ी स्पेस आर्गेनाईजेशन "नासा" चंद्रमा पर बेस कैंप बनाने जा रही हैं। 2032 तक बनने वाले इस कैंप में भागीदार बनने हेतु नासा ने भारत की स्पेस आर्गेनाईजेशन "इसरो" को आमंत्रित किया है।विश्व गुरु भारत के लिए यह बड़े गर्व की बात है कि हमने स्पेस के क्षेत्र में अपना इतना कार्य और नाम बड़ा कर लिया है कि आज नासा भी हमसे हाथ मिला रही हैं। जय विज्ञान: जय भारत।चित्र(C): NASA, प्रस्तुति: #gurudevobservatory
Friday, August 14, 2026
शुभ मंगल
न केवल राष्ट्र ध्वज फहराकर अपितु सत्कर्मों के द्वारा हम सब राष्ट्र के प्रति हमारे कर्तव्यों का सही अर्थ में पालन कर सके ऐसी प्रार्थना के साथ आप सभी को 80 वें स्वतंत्रता दिवस की पुरोहित परिवार और गुरुदेव वेधशाला की और से अगणित मंगल कामनाएं। वेधशाला पर स्थापित नासा के सुपर सीड एंटेना पर लहराता राष्ट्रध्वज भारत और उसके 140 करोड़ भारतीयों की वैज्ञानिक ऊंचाई और दृष्टिकोण का प्रतीक है। प्रस्तुति : #gurudevobservatory
Wednesday, August 12, 2026
शुक्र ग्रह
आगामी 14 और 15 अगस्त 2026 को शुक्र ग्रह अपने सबसे ज्यादा कोणीय अंतर 46 डिग्री पर होगा। जिसके चलते वह -4.4 मेग्नीट्यूड जितना तेजस्वी दिखाई देगा। चंद्र और सूर्य के बाद तीसरा ऑब्जेक्ट शुक्र ही होगा जो खुली आंखों से शहरों से भी देखा जा सकता है। उसे सूर्यास्त के बाद पश्चिम दिशा में शाम 7:00 से 9:30 बजे तक बादल ना हो तो देखा जा सकता है।अगर यह दोनों तारीख में आप नहीं देख पाते हैं तो आगामी एक माह तक वह अत्यंत प्रकाशित दिखाई देगा। उसे देखें और प्रकृति माता को कृतज्ञता व्यक्त करें। चित्र(C): NASA, प्रस्तुति: #gurudevobservatory
Monday, August 10, 2026
Sunday, August 9, 2026
उल्का वर्षा
133 साल में सूर्य की परिक्रमा करने वाले Swifttutle पुच्छल तारे की छोड़ी हुई धूल पृथ्वी के वातावरण में 100 किलोमीटर ऊपर 2,00,000 किलोमीटर प्रति सेकंड की तेज रफ्तार से धरती पर आएगी lजिसके चलते प्रख्यात ययाति की उल्कावर्षा देखी जाएगी l ११ से १३ की मध्य रात्रि 2:00 से 5:00 बजे तक पूर्वोत्तर में शर्मिष्ठा नक्षत्र के पास में यह उल्कावर्षा , बादल न होने पर ही देखी जा सकेगी l Image credit: NASA
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