Friday, February 20, 2026

मनोहारी

गत 17 फरवरी 2026 को माघ/फाल्गुन कृष्ण अमावस्या के दिन, दक्षिण गोलार्ध में अत्यंत मनोहारी कंकणाकृति सूर्य ग्रहण हुआ था।इसे ज्यादातर पेंग्विंस नाम के पंछियों ने देखा था मगर विज्ञान भी इसमें पीछे नहीं था। ESA के प्रोबा 2 उपग्रह ने उसको आसमान से देखा और उसको सदा के लिए चित्रांकित कर दिया। सूर्य के आसपास जो अग्नि का चक्र दिख रहा है उसे ही कंगनाकृति अथवा रिंग ऑफ फायर कहते हैं। जब चंद्रमा पृथ्वी से अधिक नजदीक होता है तब इस प्रकार का कभी कभार दिखाई देने वाला ग्रहण दिखाई देता है।उसे देखें और विज्ञान एवं माता प्रकृति को थैंक्स कहना ना भूले।
 चित्र (C): ESA, प्रस्तुति: #gurudevobservatory https://www.gurudevobservatory.co.in/

Wednesday, February 18, 2026

ANI वेधशाला पर

"ANI" समग्र एशिया खंड की प्रमुख पांच समाचार संस्थानों में से एक है। गुरुदेव वेधशाला के लिए सम्मान और गर्व की बात है कि उनके प्रतिनिधि आज 19 फरवरी 2026 को विश्व के सबसे घातक और सबसे बड़े राक्षस " ग्लोबल वार्मिंग,क्लाइमेट चेंज और प्रदूषण"  के ऊपर उनकी वर्तमान स्थिति, उनकी वजह और उससे बचने के उपाय जानने हेतु गुरुदेव वेधशाला पर उपस्थित रहे। यह समाचार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय टीवी चैनल, इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में अलग-अलग भाषाओं में पहुंचेंगे। इस वैज्ञानिक जानकारी फैलाने हेतु उनकी इस पहल के लिए हैं हम "ANI" के कृतज्ञ है।
 प्रस्तुति: #gurudevobservatory https://www.gurudevobservatory.co.in/

https://www.facebook.com/share/v/17qncG8g47/

Tuesday, February 17, 2026

https://www.facebook.com/share/v/1EL9Ka7ud1/

https://youtu.be/mlsDwUQBBmE?si=rDEj1NiUg2cUmoGl

सत्य क्या है?

Planetary alignment/ ग्रहों के संरेखण का पूर्ण सत्य: वर्तमान में चारों ओर मीडिया में यह बात जोर-शोर से चल रही है कि 28 तारीख को एक साथ एक रेखा में छह ग्रह दिखाई देंगे और उसकी बहुत बड़ी इफेक्ट पृथ्वी पर आएगी।मगर यह पूर्ण सत्य नहीं है। सत्य क्या है वह जाने। ठीक सूर्यास्त के बाद तुरंत ही पश्चिम दिशा में बुध, शुक्र, शनि और नेपच्यून दिखेंगे।उसमें से नेप्चून केवल दूरबीन से देखा जा सकता है ,और बाकी के तीन ग्रह संध्या के प्रकाश में दिखना लगभग असंभव है। फिर ऊपर जाएंगे तो यूरेनस दिखेगा, जिसके लिए भी दूरबीन चाहिए।और फिर आगे जाएंगे तो सिर के ऊपर ठीक उसी टाइम पर गुरु ग्रह दिखाई देगा। केवल यही ग्रह रहेगा जो आसानी से दिखाई देगा ।और अगर आपकी आंखे तेज है तो शायद आप शुक्र को पहचान पाए। कहने का तात्पर्य यह है कि ग्रहीय संरेखण में केवल एक ही ग्रह दिखने वाला है। और याद रहे की सभी ग्रह एक साथ में भी हो जाए तो भी पृथ्वी पर उसका कुछ भी असर होने वाला नहीं है। तो निश्चित रहे और कुदरत की लीला को निहारते रहे। प्रस्तुति: #gurudevobservatory https://www.gurudevobservatory.co.in/

રાશિ પ્રકાશ: "યુગ પ્રભાવ સાંધ્ય દૈનિક" માં:પ્રસ્તુતિ: #gurudevobservatory https://www.gurudevobservatory.co.in/