133 साल में सूर्य की परिक्रमा करने वाले Swifttutle पुच्छल तारे की छोड़ी हुई धूल पृथ्वी के वातावरण में 100 किलोमीटर ऊपर 2,00,000 किलोमीटर प्रति सेकंड की तेज रफ्तार से धरती पर आएगी lजिसके चलते प्रख्यात ययाति की उल्कावर्षा देखी जाएगी l ११ से १३ की मध्य रात्रि 2:00 से 5:00 बजे तक पूर्वोत्तर में शर्मिष्ठा नक्षत्र के पास में यह उल्कावर्षा , बादल न होने पर ही देखी जा सकेगी l Image credit: NASA
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