Monday, September 21, 2026

सेल फोन

गुरुदेव वेधशाला का स्पष्ट मानना है कि कुछ ही वर्षों में बिना टावर और तारों के सेल फोन चलेंगे। और यह चलाएंगे मेगा सैटेलाइट कांस्टेलेशन। यह उपग्रह चैनल धीरे-धीरे धरती पर से टॉवर्स को पूर्ण रूप से समाप्त कर देंगे ,और आसमान से सिग्नल का आदान प्रदान होगा । मनुष्य जाति का, जीवसृष्टि का जो होना है वह हो,  मगर टेक्नोलॉजी अपने चरम सीमा पर पहुंचती ही जाएगी। तो अभी देखना हो उतने सेल टावर देख लो क्योंकि आगामी समय में वह नहीं दिखेंगे।
प्रस्तुति : #gurudevobservatory

Saturday, September 19, 2026

अंतर्राष्ट्रीय चंद्र दर्शन रात्रि में भाग लेने पर NASA ने गुरुदेव वेधशाला को प्रशस्ति पत्र भेजा है। जिसके लिए हम उसके कृतज्ञ है। प्रस्तुति: #gurudevobservatory

अंतर्राष्ट्रीय चंद्र दर्शन रात्रि में भाग लेने पर NASA ने गुरुदेव वेधशाला को प्रशस्ति पत्र भेजा है। जिसके लिए हम उसके कृतज्ञ है।
 प्रस्तुति: #gurudevobservatory

शरद संपात

शरद सम्पात:पृथ्वी के झुकाव के कारण 21/9/2026 को सूर्य रात्रि 2:20 को भूमध्य रेखा पर पहुंचेंगे। जिसकी वजह से 21और 22 को रात दिन एक समान होंगे, पतझड़ सुरू होगी, एग्जेक्ट पूर्व और पश्चिम दिशा समझने की घड़ी होगी,पक्षियों का दक्षिण की और गमन होगा,रात्रि लंबी और दिन छोटे होंगे,दक्षिण की और से सूर्य प्रकाश का आगमन,सूर्योदय और अस्त जल्दी होना, दोनों ध्रुवों पर एक साथ क्षितिज पर सूर्य दिखाई देना और न जाने क्या क्या होगा !!! आप सबको इस वेदोक्त शरद संपात की वेधशाला और पुरोहित परिवार की और से शुभ कामनाएं।
प्रस्तुति: #gurudevobservatory

https://youtu.be/Q7giTrKEEk0?si=qT-X1-Q2RAm03RB8

https://www.facebook.com/share/v/1HWku9EDWs/

Friday, September 18, 2026

क्या सूर्य नारायण अब निंद्रा में, सोलर मिनिमम की ओर, जा रहे हैं ?आज 19.9.2026 को सूर्य नारायण कंपलीटली स्पॉटलेस रहे ,अर्थात एक भी सूर्य कलंक सूर्य पर देखा नहीं गया।यह आने वाले समय सूर्य की प्रशांत अवस्था की और निर्देश करता है। चित्र (C) SOHO, NASA,SDOप्रस्तुति: #gurudevobservatory

क्या सूर्य नारायण अब निंद्रा में, सोलर मिनिमम की ओर, जा रहे हैं ?आज 19.9.2026 को सूर्य नारायण कंपलीटली स्पॉटलेस रहे ,अर्थात एक भी सूर्य कलंक सूर्य पर देखा नहीं गया।यह आने वाले समय सूर्य की प्रशांत अवस्था की और निर्देश करता है। चित्र (C) SOHO, NASA,SDO
प्रस्तुति: #gurudevobservatory

Wednesday, September 16, 2026

https://www.facebook.com/share/r/1Q94E4kZBB/

शुक्र देखने का स्वर्णिम अवसर : आगामी 18 सितंबर 2026 को दक्षिण पश्चिम आकाश में सूर्यास्त के बाद 2 घंटे तक सर्वाधिक चमकीला शुक्र ग्रह दिखाई देगा। चंद्र और सूर्य के बाद यह तीसरे नंबर का आसमानी पदार्थ होगा जो इतना अधिक चमकीला दिखेगा। वह -4 मैग्नीट्यूड पर चमकीला रहेगा। इतनी अत्यधिक चमक के कारण उसको सूर्यास्त से पहले,दिन के उजाले में भी देखना संभव हो पाएगा। मगर सूर्य से अपनी आंख बचा करके उसको देखें ।वर्तमान में वह आसमान में सूर्यास्त के बाद 2 घंटे तक दिख रहा है। इमेज (C) : NASAप्रस्तुति: #gurudevobservatory

शुक्र देखने का स्वर्णिम अवसर : आगामी 18 सितंबर 2026 को दक्षिण पश्चिम आकाश में सूर्यास्त के बाद 2 घंटे तक सर्वाधिक चमकीला शुक्र ग्रह दिखाई देगा। चंद्र और सूर्य के बाद यह तीसरे नंबर का आसमानी पदार्थ होगा जो इतना अधिक चमकीला दिखेगा। वह -4 मैग्नीट्यूड पर चमकीला रहेगा। इतनी अत्यधिक चमक के कारण उसको सूर्यास्त से पहले,दिन के उजाले में भी देखना संभव हो पाएगा। मगर सूर्य से अपनी आंख बचा करके उसको देखें ।वर्तमान में वह आसमान में सूर्यास्त के बाद 2 घंटे तक दिख रहा है। इमेज (C) : NASA
प्रस्तुति: #gurudevobservatory

Friday, September 11, 2026

अहो आश्चर्यम!!!! क्या आपने कभी चंद्र को पश्चिम से पूर्व की ओर जाने के बाद वापस पूर्व से पश्चिम की ओर घूमते अर्थात उल्टी चाल चलते देखा है ? जिसे वक्र गति कहते हैं वह यहां पर वीडियो में दिखाई दे रहा है।  ऐसा कब और क्यों हुआ इसके बारे में सोचे और पता ना चले तो गुरुदेव वेधशाला को कमेंट करें। क्योंकि चंद्र कभी वक्र गति करता ही नहीं तो फिर ऐसा क्यों हुआ!!!! वीडियो(C): NOAA
प्रस्तुति: #gurudevobservatory

Thursday, September 10, 2026

UNEP

2/9/2026 का "यूनाइटेड नेशन" का रिपोर्ट बताता है कि "वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करना पेरिस समझौते का एक मुख्य आधार बना हुआ है, फिर भी वर्तमान नीतियों और वैकल्पिक अल्पकालिक योजनाओं के तहत, 1.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान वृद्धि को अब व्यापक रूप से अपरिहार्य माना जाता है।" यह मानवी की सुख पाने के अंधी दौड़ का परिणाम ही है। मगर अभी भी आशा बची हुई है, अगर हम ठान ले कि पृथ्वी को, माता प्रकृति को फिर से पुनर्जीवित करना है तो। चित्र(C) UNEP , 
प्रस्तुति: #gurudevobservatory

Wednesday, September 9, 2026

वेद और विज्ञान

वेद और विज्ञान: अर्वाचीन खोज बता रही है कि तारे हमारे शरीर को उत्पन्न करने वाले तत्वों को जन्म देते हैं और महा विस्फोट, "सुपरनोवा" के द्वारा ब्रह्मांड में फैलाते हैं, जिससे जीवन पनपता है,ग्रह और हमारे आसपास की सभी चीजें जन्म लेती है। याद रहे की सूर्य भी एक तारा है और वेदों में इसीलिए ही सूर्य को सौरमंडल का,और हमारा जनक,पिता कहा गया है। प्रस्तुति: #gurudevobservatory

Sunday, September 6, 2026

स्वर्णिम अवसर

स्वर्णिम अवसर:  अगर आप गुरु ग्रह को नहीं पहचानते हैं तो आगामी मंगलवार, दिनांक 8/9/26 को सूर्योदय से पहले पूर्व आकाश में देखें। द्वादशी के चंद्रमा के नीचे जो चमकता सितारे जैसा पदार्थ दिखाई देगा वही गुरु ग्रह है। अगर आपके पास में दूरबीन है तो उसके चंद्रमा भी देखने की संभावना रहेगी। उसे देखिए और माता प्रकृति को थैंक्स कहना ना भूले। चित्र क्रेडिट: NASA 
प्रस्तुति: #gurudevobservatory

Saturday, September 5, 2026

सितंबर का आकाश

सितंबर की रात्रि का आकाश: मोबाइल को सिर के एक फिट ऊपर इस तरह रखे की उत्तर लिखी हुई बाजू उत्तर की और इंगित करे। अब आपकी सामने आपके वहां का रात्रि आकाश है।पर यह बादल न होने पर ही दिखेगा। कुछ समझ न आए तो गुरुदेव वेधशाला अथवा नजदीकी विज्ञान केंद्र का संपर्क करें। इसे स्वयं देखे और बच्चो को,अन्यो को दिखाए,अपनी सोशल साइट पर फॉरवर्ड करें क्योंकि आसमान तनाव हर लेता है।चित्र (C) और प्रस्तुति: #gurudevobservatory 
https://www.gurudevobservatory.co.in/

Thursday, September 3, 2026

जय हो

जय हो:  आज भारत ने भूस्थिर कक्षा में अपने बाहुबली रॉकेट, 51.7 मीटर लंबे GSLV की F 17 उड़ान के द्वारा भारत का पृथ्वी अवलोकन उपग्रह EOS 05 प्रक्षेपित कर दिया है। इससे हमें भारत की सरहदों की सुरक्षा की सटीक जानकारी और आपत्ति व्यवस्थापन में बहुत मदद मिलेगी।इस सफल प्रक्षेपण के लिए गुरुदेव वेधशाला और 140 करोड़ भारतीयों की ओर से इसरो को अभिनंदन।जय हो:जय विज्ञान:जय भारत: चित्र(C): ISRO, प्रस्तुति: #gurudevobservatory

Tuesday, September 1, 2026

दिखेंगे पांच ग्रह

पांच ग्रहों को देखने का स्वर्णिम अवसर: सूर्योदय से पहले, पूर्व आकाश में गुरु ,मंगल और शनि ग्रह दिखाई देंगे और सूर्यास्त के बाद पश्चिम आकाश में शुक्र और इस माह के अंत तक बुध ग्रह दिखाई देंगे।पहचान करने के लिए किसी भी स्काई मेप की मदद लें। ग्रहों को देखें और कुदरत को थैंक्स कहें। चित्र (C): NASA
प्रस्तुति: #gurudevobservatory

सावधान

सावधान: तैयार रहे:हमारी सुख की अंधी दौड़ से उत्पन्न "ग्लोबल वार्मिंग" ने पैदा कर दिया है "सुपर एल नीनो"। सितंबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच में वह पूरी पृथ्वी पर तहलका मचा देगा। एक्सट्रीम हीट, सुखाऔर बाढ़। इसके अलावा यह आने वाले वर्षों में और भी तबाही मचा सकता है । 2027 सबसे गर्म रहेगा। कठोर ऋतुएं पैदा होती हुई चली जाएगी। अब तो ईश्वर का ही सहारा है। चित्र(C): NOAA
प्रस्तुति: #gurudevobservatory

Monday, August 31, 2026

माता

विश्व विख्यात वैज्ञानिक आइंस्टीन कहां है की "प्रकृति को ज्यादा से ज्यादा समझिए, तो आप हर वस्तु समझ पाएंगे, हर समस्या का समाधान मिलेगा"।पर दुर्भाग्य से हम वेदों की संतान, प्रकृति पूजक ऋषियों की संतान, प्रकृति माता को ही प्रताड़ित करते चले जा रहे हैं और यही कारण है कि हम अशांत से और अशांत होते चले जा रहे हैं।दुखी से और दुखी होते चले जा रहे हैं।क्या आपको नहीं लगता माता प्रकृति की ओर वापिस चलना चाहिए? सत्य बोलना।
प्रस्तुति : #gurudevobservatory

वेद विज्ञान

वेद और विज्ञान:  विज्ञान में स्पेस और टाइम से बने "स्पेस फैब्रिक" का वर्णन आता है,जो पूरे ब्रह्मांड में फैलता चला जा रहा है,और सभी पदार्थ उसी में चल रहे हैं। जिसका वर्णन थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी में भी आता है। वेदों में इसे स्पष्ट रूप से अनादि काल पूर्व कहा गया था। उसमें अनंत आसमान में ताना-बाना के रूप में इस स्पेस फैब्रिक का, स्पेस टाइम का स्पष्ट वर्णन किया गया है। कभी समय मिलते वेद अवश्य पढ़े। चित्र:(C): ESA, प्रस्तुति: #gurudevobservatory