हमारा आराध्य "सूर्य" हमारी आकाशगंगा के दो अरब तारों में से केवल एक छोटा सा तारा है। वह 235 किलोमीटर प्रति सेकंड की तेजी से आकाशगंगा के केंद्र की प्रदक्षिणा करता है।एक प्रदक्षिणा करने में उसे २३ करोड़ वर्ष लगते हैं जिसे "कॉस्मिक यर" कहा जाता है। ध्यान से देखा जाए तो वह व्याध तारे से दूर जा रहा है और वीणा नक्षत्र के अभिजीत नक्षत्र और हरक्यूलिस तारा मंडलकी और गति कर रहा है। प्रस्तुत वीडियो में तारों की गति दिख रही है। वर्तमान में आसमान में व्याध और अभिजीत दोनों नक्षत्र रात्रि में साफ-साफ दिख रहे हैं। उसका आनंद उठाएं और विराट का अभिवादन करें। क्योंकि उसके सामने हम कुछ भी नहीं। वीडियो क्रेडिट (C): ESA,GAIA
प्रस्तुति: #gurudevobservatory https://www.gurudevobservatory.co.in/
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