मकर संक्रांति कब है? पृथ्वी की विषुवायन गति के कारण प्रतिवर्ष संपात बिंदु 50 विकला आगे खिसकते चले जा रहे हैं। जिसके चलते वसंत संपात मेष की जगह अब मीन में हो रहा है ।और थोड़े वर्षों में कुंभ में होगा। मगर इसको भारतीय निरायन पंचांग ने स्वीकार नहीं किया है। सायन पंचांग और खगोल विज्ञान के हिसाब से देखे तो उत्तरायण 21 दिसंबर को चली गई और मकर संक्रांति 20 जनवरी को है। अर्थात 14 और 15 जनवरी को कुछ भी नहीं। यह 25 से 30 दिन का तफावत भारतीय कैलेंडर को पीछे घसीट ले जा रहा है। हमें चाहिए कि अब हम खगोल विज्ञान और वेद विज्ञान का समन्वय करके पंचांग को फिर से संशोधित करें और वर्तमान की स्थिति के हिसाब से त्योहार को री एडजस्ट करें।
प्रस्तुति: #gurudevobservatory
No comments:
Post a Comment