होगी तारों की वर्षा : हो जाएं तैयार एक और तेजस्वी उल्का वर्षा के लिएl कॉमेट थेचर की छोड़ी गई धूल से उत्पन्न वीणा की उल्कावर्षा मध्य रात्रि के 12:00 बजे से सुबह सूर्योदय तक वीणा नक्षत्र के विख्यात और हम से 25 प्रकाश वर्ष दूर बैठे अभिजीत तारे के पास से होती दिखाई देगी।श्रेष्ठ समय मध्य रात्रि २ से ५ का होगा। उसे उत्तर पूर्व से प्रातः सिर के ऊपर आने तक देखा जा सकता है।चूंकि वर्तमान में चंद्रमा की रोशनी भी कम होगी तो उसको अच्छी तरीके से देखा जा सकता है । 21 से 23 अप्रैल और खास 22/4/26 की रात्रि को शहरों में उसे रात्रि में 5 से 10 उल्का प्रति घंटे की रफ्तार से देखा जा सकता है l उसे देखकर नेचर को थैंक्स कहना ना भूलें l
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